July 27, 2026

उत्तराखंड में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 10 आईएएस और एक आईएफएस अधिकारी के दायित्व बदले

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शिक्षा, आबकारी, आईटी, परिवहन और पंचायती राज समेत कई अहम विभागों में बदलाव; केंद्र से लौटीं ज्योति यादव को मिली शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने लंबे समय से प्रतीक्षित भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारियों के तबादलों की सूची जारी कर दी है। कार्मिक विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार 10 आईएएस अधिकारियों और एक आईएफएस अधिकारी के विभागों एवं दायित्वों में फेरबदल किया गया है। प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जा रहे इस बदलाव में शिक्षा, आबकारी, सूचना प्रौद्योगिकी, परिवहन, पंचायती राज और वित्त जैसे प्रमुख विभागों की जिम्मेदारियां नए अधिकारियों को सौंपी गई हैं।

आदेश के अनुसार प्रमुख सचिव एल. फैनई से आबकारी विभाग का प्रभार वापस ले लिया गया है। वहीं सचिव नितेश कुमार झा से सूचना प्रौद्योगिकी विभाग हटाकर उन्हें पंचायती राज विभाग का दायित्व सौंपा गया है।

अब तक शिक्षा विभाग संभाल रहे रविनाथ रमन को परिवहन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि केंद्र से प्रतिनियुक्ति पूरी कर लौटने वाली आईएएस ज्योति यादव को शिक्षा विभाग का नया सचिव बनाया गया है।

इन अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारियां

तबादला सूची के अनुसार आईएएस पंकज कुमार पांडे को सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आईएएस बृजेश कुमार संत अब खनन विभाग के साथ-साथ आबकारी विभाग का भी कार्यभार संभालेंगे।

इसी तरह आईएएस सुरेंद्र नारायण पांडे को गन्ना विकास एवं चीनी विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। आईएएस युगल किशोर पंत को सचिवालय प्रशासन का दायित्व सौंपा गया है, जबकि आईएएस रणवीर सिंह को वित्त विभाग की जिम्मेदारी मिली है। आईएएस अभिषेक रुहेला को अपर सचिव, राज्य संपत्ति विभाग नियुक्त किया गया है।

आईएफएस अधिकारी का भी बदला प्रभार

सरकार ने भारतीय वन सेवा (आईएफएस) अधिकारी पराग मधुकर धकाते से पंचायती राज विभाग का दायित्व वापस ले लिया है।

अभी और बदलाव संभव

सूत्रों के अनुसार शासन स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल का यह दौर अभी जारी रह सकता है। नियोजन विभाग और कृषि महानिदेशक जैसे कुछ महत्वपूर्ण पद अभी रिक्त हैं, क्योंकि संबंधित अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जा चुके हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में इन पदों पर भी नई नियुक्तियां होने की संभावना जताई जा रही है।

राज्य सरकार का मानना है कि विभागीय जिम्मेदारियों के इस पुनर्वितरण से प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी और विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को गति मिलेगी।