September 10, 2026

उत्तरकाशी से तिलवाड़ा तक मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की दिशा में बढ़ी उम्मीदें

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  • उत्तरकाशी से तिलवाड़ा तक मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की दिशा में बढ़ी उम्मीदें
  • केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री धामी के अनुरोध पर प्रस्ताव पर विचार करने का दिया आश्वासन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुरोध पर उत्तरकाशी–कमद- अयारखाल–बूढ़ाकेदार– चमियाला–घनसाला–तिलवाड़ा  मोटर मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किए जाने के प्रस्ताव पर केंद्र सरकार ने कार्रवाई आगे बढ़ाई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर अवगत कराया है कि प्रस्ताव को संबंधित को आवश्यक कार्यवाही एवं विचारार्थ प्रेषित कर दिया गया है।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि उत्तरकाशी–कमद–अयारखाल–बूढ़ाकेदार–चमियाला–घनसाला–तिलवाड़ा मोटर मार्ग को ऑलवेदर रोड (चारधाम परियोजना) से जोड़ते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किए जाने के संबंध में प्राप्त अनुरोध को संबंधित अधिकारी को भेज दिया गया है।चारधाम और सीमांत क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को मिलेगा नया आयाम


इस महत्वपूर्ण मार्ग के राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में विकसित होने की संभावनाओं से उत्तरकाशी, टिहरी गढ़वाल और रुद्रप्रयाग जनपदों के बीच सड़क संपर्क को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। यह मार्ग चारधाम यात्रा, स्थानीय आवागमन, पर्यटन, व्यापार तथा क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार उत्तराखंड की महत्वपूर्ण सड़कों को राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जोड़ने तथा प्रदेश में बेहतर, सुरक्षित और सर्वकालिक सड़क कनेक्टिविटी विकसित करने के लिए केंद्र सरकार के समक्ष विभिन्न प्रस्ताव रखते रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा प्रस्ताव को संबंधित अधिकारी को भेजे जाने से इस मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किए जाने की दिशा में प्रक्रियात्मक स्तर पर महत्वपूर्ण पहल हुई है। इससे पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और चारधाम यात्रा मार्गों के साथ आंतरिक क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की उम्मीद बढ़ी है।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किए जाने का अंतिम निर्णय संबंधित केंद्रीय स्तर की प्रक्रिया एवं तकनीकी परीक्षण के उपरांत होगा। वर्तमान में केंद्रीय मंत्री द्वारा प्रस्ताव को संबंधित अधिकारी को विचारार्थ भेजा जाना इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।