September 14, 2026

हरिद्वार जेल अधीक्षक को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकी, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

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फोन कॉल और व्हाट्सऐप संदेशों के जरिए धमकाने का आरोप; जेल में बंद महिला बंदी का पति बताया जा रहा आरोपी

हरिद्वार। हरिद्वार जिला कारागार के वरिष्ठ अधीक्षक मनोज कुमार आर्य को कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से धमकी देने का मामला सामने आया है। आरोप है कि जेल अधीक्षक को फोन कॉल और व्हाट्सऐप संदेशों के माध्यम से धमकाया गया। शिकायत मिलने के बाद सिडकुल थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी को जेल में बंद एक महिला बंदी का पति बताया जा रहा है।

रात में आया फोन, फिर व्हाट्सऐप पर धमकी

जेल अधीक्षक की ओर से हरिद्वार एसएसपी को दी गई शिकायत के मुताबिक, 11 सितंबर की रात करीब 10:47 बजे उनके मोबाइल पर एक व्यक्ति का फोन आया। देर रात होने के कारण उन्होंने सुबह बात करने को कहा। इसके कुछ देर बाद करीब 11:24 बजे व्हाट्सऐप पर संदेश आया, जिसमें फोन करने वाले ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई समूह से जुड़ा बताया।

अगले दिन 12 सितंबर को भी आरोपी की ओर से कई बार फोन किए जाने का आरोप है। कॉल रिसीव नहीं होने पर कथित तौर पर व्हाट्सऐप पर धमकी भरे संदेश भेजे गए।

जेल और अधीक्षक को नुकसान पहुंचाने की धमकी

शिकायत के अनुसार, संदेशों में जेल में बंद एक महिला बंदी का भी जिक्र किया गया। आरोपी ने महिला बंदी के साथ मुलाकात के दौरान कथित रूप से परेशान किए जाने का आरोप लगाया और जेल अधीक्षक तथा कारागार को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी।

बाद में सुबह करीब 10:12 बजे दोबारा फोन आने पर जेल अधीक्षक ने बातचीत रिकॉर्ड कर ली। रिकॉर्डिंग सुनाए जाने के बाद जेल में निरुद्ध महिला बंदी ने फोन करने वाले की पहचान अपने पति हिमांशु चड्ढा के रूप में किए जाने की बात सामने आई।

जेल रिकॉर्ड से भी हुई आरोपी की पहचान

जेल प्रशासन के मुताबिक, हिमांशु चड्ढा महिला बंदी से मुलाकात के लिए जेल आता रहा है। ई-प्रिजन रिकॉर्ड की जांच में उसके पूर्व में जेल में निरुद्ध रहने की जानकारी भी सामने आई।

रिकॉर्ड के अनुसार, हिमांशु वर्ष 2017 से 2019 तक जिला कारागार देहरादून में बंद रहा था। इसके बाद उसे केंद्रीय कारागार सितारगंज भेजा गया, जहां से 13 दिसंबर 2022 को रिहा किया गया।

जेल अधीक्षक ने आरोपी हिमांशु चड्ढा पुत्र श्याम लाल चड्ढा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के साथ कथित धमकी भरे व्हाट्सऐप संदेशों के स्क्रीनशॉट, ऑडियो रिकॉर्डिंग और मुलाकात से संबंधित रिकॉर्ड भी पुलिस को उपलब्ध कराए गए हैं।

जेल अधीक्षक ने बताई धमकी की वजह

वरिष्ठ जेल अधीक्षक मनोज कुमार आर्य के अनुसार, जेल में निरुद्ध महिला के साथ नियमों के उल्लंघन को लेकर पहले कार्रवाई की गई थी। उन्होंने बताया कि महिला ने जेल में डिप्टी जेलर के साथ अभद्र व्यवहार किया था, जिसके बाद उसे चेतावनी देते हुए नियम-कानून का पालन करने की हिदायत दी गई थी।

जेल अधीक्षक के मुताबिक, महिला का पति दो दिन पहले उससे मिलने जेल आया था। इसके बाद से ही कथित तौर पर फोन और संदेशों के जरिए धमकियां मिलने लगीं।

पुलिस ने शुरू की जांच

सिडकुल थाना प्रभारी अजय शाह ने बताया कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। पुलिस धमकी देने के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, व्हाट्सऐप संदेशों और उपलब्ध ऑडियो रिकॉर्डिंग समेत अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।