पिछले 24 घंटे में 15 नए मरीज मिले, देहरादून में 9 मामले; डेंगू के 222 और कोविड के 57 मरीज भी मिले
देहरादून: मानसून के अंतिम चरण में मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के बीच उत्तराखंड में मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ रहा है। प्रदेश में स्वाइन फ्लू के अब तक 641 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से 600 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि 39 मरीजों का उपचार चल रहा है। स्वाइन फ्लू से अब तक दो मरीजों की मौत हुई है। पिछले 24 घंटे में 15 नए मामले सामने आए हैं, जिनमें नौ देहरादून और छह अन्य जिलों के हैं।
डेंगू और कोविड के मामले भी सामने आ रहे
स्वाइन फ्लू के साथ प्रदेश में डेंगू और कोविड संक्रमण के मामले भी सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, स्वाइन फ्लू की जांच के लिए अब तक 2,111 सैंपल लिए गए हैं। इनमें देहरादून के 428 और अन्य जिलों के 213 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई है।
कोविड संक्रमण की जांच के लिए अब तक 1,060 सैंपल लिए गए, जिनमें 57 लोग संक्रमित पाए गए हैं। इनमें 29 मरीज देहरादून और 28 अन्य जिलों से हैं।
वहीं, डेंगू की जांच के लिए करीब 34,226 सैंपल लिए गए हैं। इनमें 222 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। देहरादून में 109 और अन्य जिलों में 113 मामले सामने आए हैं। डेंगू के 203 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि 19 का इलाज जारी है।
बच्चों और बुजुर्गों में ज्यादा मामले
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, स्वाइन फ्लू की चपेट में बच्चों और बुजुर्गों की संख्या भी उल्लेखनीय है। अब तक 0 से 11 महीने के एक बच्चे और 1 से 10 वर्ष की आयु के 101 बच्चों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। 11 से 20 वर्ष के 57, 21 से 30 वर्ष के 72 और 31 से 40 वर्ष के 58 मरीज संक्रमित पाए गए हैं।
इसी तरह 41 से 50 वर्ष के 63, 51 से 60 वर्ष के 97, 61 से 70 वर्ष के 105, 71 से 80 वर्ष के 71 और 81 से 100 वर्ष की आयु के 16 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है।
पुरुष मरीजों की संख्या अधिक
कुल 641 स्वाइन फ्लू संक्रमित मरीजों में 339 पुरुष और 302 महिलाएं शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि नए मामलों की संख्या में पहले की तुलना में कमी दिखाई दे रही है, लेकिन बदलते मौसम को देखते हुए निगरानी और सतर्कता जारी है।
स्वास्थ्य विभाग ने सावधानी बरतने की अपील की
स्वास्थ्य विभाग की निदेशक डॉ. शिखा जगपांगी ने कहा कि स्वाइन फ्लू के मामले फिलहाल घटते दिखाई दे रहे हैं, लेकिन मौसमी बीमारियों को देखते हुए विभाग अलर्ट मोड में है। उन्होंने कहा कि मौसम बदलने के साथ अलग-अलग तरह के संक्रमण सामने आ सकते हैं, इसलिए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि तीन से चार दिन तक लगातार बुखार बना रहता है और आराम नहीं मिलता, तो खुद से दवा लेने के बजाय तत्काल चिकित्सक से परामर्श लें। समय पर उपचार मिलने से बीमारी को गंभीर स्थिति में पहुंचने से रोका जा सकता है।

More Stories
भूमि की नाप के लिए 30 हजार की रिश्वत लेते पटवारी गिरफ्तार, विजिलेंस ने रंगे हाथ दबोचा
रुद्रप्रयाग: सिरोबगड़ में पहाड़ी से गिरा भारी मलबा, बदरीनाथ हाईवे पर हजारों यात्री फंसे
65 मृत मुर्गियों से भरा ट्रक पकड़े जाने का मामला मानवाधिकार आयोग पहुंचा