October 20, 2026

23 अक्टूबर से ईवीएम की जांच शुरू, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी रहेगी अहम

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डीएम डॉ. आशीष चौहान ने बैठक कर दी एफएलसी प्रक्रिया की जानकारी, निर्वाचन कार्मिकों का डेटाबेस तैयार करने के निर्देश

देहरादून: जिले में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) की प्रथम स्तरीय तकनीकी जांच (एफएलसी) 23 अक्टूबर से शुरू होगी। इस संबंध में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सोमवार को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर जांच प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने सभी दलों के प्रतिनिधियों से एफएलसी के दौरान उपस्थित रहकर प्रक्रिया का अवलोकन करने और निर्वाचन व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने में सहयोग की अपील की।

जिलाधिकारी ने कहा कि ईवीएम की प्रथम स्तरीय जांच निर्वाचन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण है। इसके तहत मशीनों के हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की तकनीकी जांच की जाएगी, ताकि उनके सुचारु संचालन और डेटा रिकॉर्डिंग की विश्वसनीयता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और ईवीएम की कार्यप्रणाली को लेकर किसी भी तरह की आशंका दूर करने के लिए निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप जांच की जाएगी।

उन्होंने बताया कि एफएलसी पूरी होने के बाद ईवीएम का विधानसभा क्षेत्रवार रेंडमाइजेशन किया जाएगा। इसके बाद प्रेक्षक की उपस्थिति में सॉफ्टवेयर के माध्यम से मशीनों का दोबारा रेंडमाइजेशन कर उन्हें बूथवार आवंटित किया जाएगा। इस प्रक्रिया का उद्देश्य निर्धारित निर्वाचन प्रोटोकॉल के अनुसार निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखना है।

निर्वाचन तैयारियों में तेजी लाने के निर्देश

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने निर्वाचन से जुड़ी अन्य तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्वाचन व्यवस्थाओं के लिए निविदा प्रक्रिया जल्द पूरी करने और सेक्टर अधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही निर्वाचन कार्मिकों का डेटाबेस शीघ्र तैयार कर उनके प्रशिक्षण की व्यवस्था शुरू करने को कहा।

डीएम ने सभी नोडल अधिकारियों को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का गंभीरता से अध्ययन करने और अपने दायित्वों का जिम्मेदारी एवं पारदर्शिता के साथ निर्वहन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन संबंधी सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएं, ताकि प्रक्रिया के संचालन में किसी प्रकार की बाधा न आए।

जिलाधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से 23 अक्टूबर से शुरू होने वाली ईवीएम की प्रथम स्तरीय जांच में अनिवार्य रूप से प्रतिभाग करने की अपील की।