देहरादून:
सहस्रधारा रोड स्थित एसटीएस कॉलोनी में दीपावली के पावन अवसर पर तनाव बढ़ाने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि कॉलोनी के बच्चे जब पार्क की भूमि पर पटाखे जला रहे थे तो बिल्डर पुनीत अग्रवाल आगबबूला हो गए। उन्होंने गुस्से में भद्दी गलियां दी, यहां तक कि पिस्टल भी निकाल ली। घटना से बने भय के माहौल को देखते हुए एसटीएस रेसिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन ने बिल्डर के खिलाफ रायपुर थानाध्यक्ष को तहरीर दी है।
एसोसिएशन अध्यक्ष अजय सिंह की तहरीर के अनुसार बच्चे बड़ी सावधानी के साथ पटाखे जला रहे थे। उसी दौरान बिल्डर पुनीत अग्रवाल गालियां देते हुए अपने घर से बाहर निकलने और बच्चों को धमकाने लगे। हालांकि, तभी कालोनी के वयस्क लोग भी वहां पहुंच गए और गुस्से में तमतमा रहे बिल्डर को समझाने का प्रयास किया गया। आरोप है कि बिल्डर ने पिस्टल को लोड भी कर लिया था।
इससे पहले भी बिल्डर पुनीत अग्रवाल पर कई आरोप लग चुके हैं। वह कालोनी में गोल्डर फारेस्ट की नगर निगम के प्रबंधन में दी गई भूमि पर भी अवैध कब्जा कर चुके थे। हालांकि, जांच के बाद नगर निगम ने कब्जा छुड़ा लिया। वहीं, बिल्डर अग्रवाल पर एमडीडीए को गुमराह कर दो भवनों के नक्शे पास कराने के आरोप भी लगे हैं। एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के निर्देश पर गठित की गई जांच कमेटी की हालिया रिपोर्ट में इसकी पुष्टि भी की गई है।
बिल्डर ने एमडीडीए को एक भवन की कंपाउंडिंग के आवेदन के क्रम में झूठा शपथ पत्र भी दिया कि कंपाउंडिंग के दायरे से बाहर के भाग को ध्वस्त करा दिया जाएगा। लेकिन, निर्माण जस का तस है। वहीं, दूसरे भवन के सेटबैक में झोल कर नक्शा पास कराया गया है। इसके लिए गिफ्ट डीड का सहारा लिया गया और पहले भवन के सेटबैक में दर्ज मार्ग को ही दूसरे भवन के सेटबैक में जोड़ दिया। अब बिल्डर पर नक्शे के निरस्तीकरण की तलवार भी लटक रही है।

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