देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई उत्तराखंड कैबिनेट बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े 10 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में मेडिकल कॉलेजों के इंटर्न के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी, पदक विजेता खिलाड़ियों को सरकारी नियुक्ति, शासकीय अधिवक्ताओं के मानदेय में संशोधन समेत कई अहम फैसले लिए गए।
कैबिनेट ने राज्य के पांच राजकीय मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत इंटर्न के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। अब इंटर्न को 17 हजार रुपये के स्थान पर 25 हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड मिलेगा। सरकार के इस फैसले से मेडिकल इंटर्न को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए 243 पदों पर नियुक्ति
खेल क्षेत्र से जुड़े प्रस्तावों को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी। खेल नीति-2021 के तहत अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को 243 पदों पर सरकारी नियुक्ति देने का रास्ता साफ किया गया है। इन खिलाड़ियों को युवा कल्याण, परिवहन, शिक्षा समेत विभिन्न विभागों में नियुक्तियां दी जाएंगी।
इसके अलावा माध्यमिक शिक्षा विभाग में सहायक व्यायाम शिक्षक के 35 नए पद सृजित किए गए हैं। इन पदों को मेडल विजेता खिलाड़ियों के लिए आरक्षित किया जाएगा।
शासकीय अधिवक्ताओं का मानदेय होगा पुनर्निर्धारित
कैबिनेट ने शासकीय अधिवक्ताओं के शुल्क की दरों के पुनर्निर्धारण को भी मंजूरी दी। इसके तहत सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट और अधीनस्थ न्यायालयों में सरकार की ओर से पैरवी करने वाले अधिवक्ताओं के मानदेय में बढ़ोतरी की जाएगी। खाद्य विभाग से संबंधित विधिक माप विज्ञान सेवा नियमावली में संशोधन के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई।
ऊर्जा आयोग की वार्षिक रिपोर्ट विधानसभा में रखी जाएगी
ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा विभाग से संबंधित उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग की वार्षिक रिपोर्ट को विधानसभा के पटल पर रखने की मंजूरी दी गई। वहीं, कारागार विभाग की सेवा नियमावली में अपर महानिदेशक कारागार के एक पद को संवर्गीय ढांचे में शामिल करने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने स्वीकृति दी।
मसूरी में गढ़वाल सभा को 972 गज भूमि
मसूरी में जीएमवीएन की पार्किंग स्थित 972 गज भूमि गढ़वाल सभा को दिए जाने के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट ने मुहर लगाई। इसके साथ ही हरिद्वार में कर्मचारी राज्य बीमा निगम के निदेशालय के निकट 15 एकड़ भूमि ईएसआई अस्पताल के लिए उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
17 सितंबर से शुरू होगा ‘सेवा संकल्प अभियान’
कैबिनेट ने प्रदेश में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाने का निर्णय लिया है। अभियान के दौरान प्रदेशभर में विभिन्न जनसरोकार और राष्ट्र निर्माण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सभी मंत्री इन कार्यक्रमों के प्रभारी होंगे।
अभियान की शुरुआत 17 सितंबर को धार्मिक स्थलों पर आशीर्वाद का दीप जलाकर किए जाने की योजना है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा जनसहभागिता के जरिए स्वच्छता, वृक्षारोपण और अन्य सामाजिक गतिविधियां संचालित होंगी।
अभियान में सामाजिक संगठनों को भी जोड़ा जाएगा। बच्चों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित करने के साथ नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से सरकार की उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाएगी। नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्लेटफॉर्म तैयार किए जाएंगे। विकसित भारत के संकल्प को लेकर एक चौराहे पर ‘विकसित भारत का कलश’ स्थापित करने की योजना भी है।

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