देहरादून।
प्रदेश में 30 अप्रैल से चार धाम यात्रा शुरू होने जा रही है। हर वर्ष श्रद्धालु यमुनोत्री और केदारनाथ मंदिर तक पहुंचाने के लिए घोड़े खतरों का सहारा लेते हैं। ऐसे में कई बार यात्रा में पशु क्रूरता के मामले भी सामने आए जिसमें घोड़े और खच्चरों के मालिकों के द्वारा उन पर अधिक भार डालना और उनसे अधिक काम लिया जाता है। जिससे कई बार उनकी मौत भी हो जाती है। लेकिन पिछले कुछ समय से पशुपालन विभाग इसको लेकर खास कदम उठा रहा है। पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने बताया कि 2022 से घोड़े खच्चरों की मौत में कमी आई है। उन्होंने कहा 2022 में 150 मौत हुई थी जिसके बाद खुद उन्होंने ट्रैक किया और स्थिति को देखा जिसके बाद कई एसओपी तैयार की गई और 2024 में आंकड़ा घटकर 25 हुआ। उन्होंने बताया कि उनके विभाग के द्वारा पूर्व में भी कई फैसले लिए गए जिससे पशु क्रूरता में कमी देखने को मिली है। वही उन्होंने कहा कि इस बार और भी अधिक तैयारी की गई है इस बार डॉक्टर की संख्या भी बढ़ाई गई है। इसी के साथ ही एक विभाग का ज्वाइंट डायरेक्टर लेवल का ऑफिसर यात्रा रूट पर रहेगा जो पूरी निगरानी भी रखेगा। इसी के साथ ही इंफ्लूएंजा भी इस बार फैला है तो इसके लिए भी फाटा में एक क्वारंटाइन सेंटर बनाया गया है।
सौरभ बहुगुणा, पशुपालन मंत्री उत्तराखंड सरकार

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