दून स्थित एक प्री-प्रेपरेटरी स्कूल से जुड़े हॉस्टल में मानसिक रूप से अक्षम दो भाइयों के यौन शोषण का मामला सामने आया है। राज्य बाल आयोग की टीम ने बीते शनिवार को स्कूल और हॉस्टल का निरीक्षण किया। आयोग अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना ने बताया कि स्कूल का संचालन दिल्ली में पंजीकृत एक ट्रस्ट कर रहा है, जिसके लिए किसी प्रकार की शैक्षणिक मान्यता संबंधित प्राधिकरणों से नहीं ली गई।उन्होंने बताया कि प्री-प्रेपरेटरी स्कूल की संचालिका नजदीक में किराए के एक भवन में मानसिक अक्षम बच्चों के लिए हॉस्टल चलाती हैं। टीम के निरीक्षण में हॉस्टल की स्थिति अत्यंत जर्जर मिली। वहां किसी भी प्रकार के सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। न ही उसके संचालन के लिए कोई वैधानिक अनुमति ली गई..
डॉ. खन्ना ने बताया कि फिलहाल प्री-प्रेपरेटरी स्कूल को बंद कर दिया गया है। बाल कल्याण समिति और संबंधित विभागों की निगरानी में इस पूरे प्रकरण की गहन जांच जारी है। कल सोमवार को वहां पढ़ रहे अन्य 15 बच्चों से समिति बातचीत करेगी।

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