देहरादून: बॉटल ब्रश (वैज्ञानिक नाम कैलिस्टेमोन) की खेती से किसानों को दोहरा मुनाफा होगा। इसकी पत्तियों से तेल और पूरे सालभर खिलने वाले फूलों से शहद का उत्पादन कर सकेंगे। पहली बार बॉटल ब्रश के कृषिकरण पर सगंध पौध केंद्र सेलाकुई में शोध किया जा रहा है।
एक हेक्टेयर भूमि पर पैदावार से 2.10 लाख तक आय प्राप्त हो सकती है। आमतौर पर सड़क किनारे, पार्क या घरों के बाहर फूलों से लदे बॉटल ब्रश के पौधे हर किसी को आकर्षित करते हैं। लेकिन इस पौधे में कई औषधीय गुण भी छिपे हैं। देश के किसी भी राज्य में अभी तक बॉटल ब्रश के पौधे को सजावट के लिए लगाया जाता है। इसकी व्यावसायिक कृषिकरण नहीं होता है।
सगंध पौध केंद्र सेलाकुई पहली बार बॉटल ब्रश की खेती पर शोध कर रहा है। इसके बाद किसानों को इसकी खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। वैज्ञानिक शोध के बाद किसानों को पॉपुलर व यूकेलिप्टस की जगह बॉटल ब्रश उगाने का विकल्प मिलेगा। इसके साथ ही जंगली जानवरों के नुकसान से परेशान किसान बॉटल ब्रश की खेती कर अच्छी आय प्राप्त कर सकेंगे।

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