March 21, 2026

गंगोत्री धाम में प्रवेश से पहले पंचगव्य अनिवार्य, यमुनोत्री पर फैसला 24 मार्च को

Share now

चारधाम यात्रा 2026 से पहले नई व्यवस्था, गैर सनातनियों के प्रवेश पर रोक की तैयारी

देहरादून

आगामी चारधाम यात्रा 2026 को लेकर गंगोत्री धाम में व्यवस्थाओं को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। श्री पांच गंगोत्री मंदिर समिति ने धाम में प्रवेश से पहले पंचगव्य ग्रहण को अनिवार्य करने की तैयारी की है। साथ ही इस व्यवस्था के कानूनी और संवैधानिक पहलुओं को लेकर एक विशेष समिति का गठन भी किया गया है।

श्री पांच गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल ने बताया कि गंगोत्री धाम में गैर सनातनियों के प्रवेश को लेकर सभी पहलुओं पर विचार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, “गंगोत्री धाम में दर्शन से पहले पंचगव्य की व्यवस्था की जाएगी। जो व्यक्ति पंचगव्य ग्रहण करेगा, उसे सनातन परंपरा में आस्था रखने वाला माना जा सकता है। इसके लिए कानूनी और संवैधानिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कमेटी बनाई गई है, जो जल्द अपनी रिपोर्ट देगी।”

क्या है पंचगव्य?

पंचगव्य एक पारंपरिक और धार्मिक मिश्रण है, जो गाय से प्राप्त पांच तत्वों—दूध, दही, घी, गोमूत्र और गोबर—से तैयार किया जाता है। हिंदू धर्म में इसे अत्यंत पवित्र माना जाता है और पूजा-पाठ, यज्ञ व शुद्धिकरण के कार्यों में इसका उपयोग होता है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, पंचगव्य के सेवन या स्पर्श से शरीर और आत्मा की शुद्धि होती है। वहीं आयुर्वेद और जैविक खेती में भी इसे उपयोगी माना गया है।

चारधाम यात्रा से पहले बदरी-केदार मंदिर समिति ने भी केदारनाथ धाम और बदरीनाथ धाम में गैर हिंदुओं के प्रवेश को सीमित करने और एफिडेविट व्यवस्था लागू करने पर विचार किया है।

वहीं चारधाम महापंचायत द्वारा संचालित यमुनोत्री धाम में भी इसी तरह के नियमों को लेकर 24 मार्च को अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

मंदिर समिति का कहना है कि यह व्यवस्था धार्मिक परंपराओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से लागू की जा रही है। हालांकि, इस फैसले को लेकर सामाजिक और कानूनी स्तर पर चर्चा तेज होने की संभावना भी जताई जा रही है।