देहरादून: उत्तराखंड सरकार राज्य खाद्य योजना (APL) और अंत्योदय राशन कार्ड के लिए तय की गई अधिकतम आय सीमा में जल्द ही बड़ा संशोधन करने जा रही है. खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रेखा आर्या ने विभागीय समीक्षा बैठक में इसके लिए अधिकारियों को एक नया प्रस्ताव तैयार करने के कड़े निर्देश दिए हैं. इसके अलावा, लंबे समय से लाभांश का इंतजार कर रहे राशन विक्रेताओं के लिए भी राहत की खबर है; उनका करीब 39 करोड़ रुपये का बकाया लाभांश एक सप्ताह के भीतर जारी कर दिया जाएगा.
राशन कार्ड के लिए नए सिरे से तय होगी आय सीमा
समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री रेखा आर्या ने स्पष्ट किया कि राशन कार्ड बनाने के लिए जो आय मानक वर्तमान में लागू हैं, वे काफी पुराने हो चुके हैं. इस वजह से कई पात्र और जरूरतमंद लोगों के कार्ड नहीं बन पा रहे हैं.
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बनेगी नई कमेटी: इस समस्या के समाधान के लिए जिला पूर्ति अधिकारियों (DSOs) के सुझावों के आधार पर एक विशेष समिति गठित की जाएगी, जो आय सीमा की समीक्षा कर नया ड्राफ्ट तैयार करेगी.
30 जून तक डिजिटल होगी पूरी व्यवस्था, बंद होंगे मैन्युअल रजिस्टर
उत्तराखंड में राशन वितरण प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने डेडलाइन तय कर दी है.
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पूर्ण रूप से ऑनलाइन: आगामी 30 जून तक राशन वितरण व्यवस्था को 100% ऑनलाइन कर दिया जाएगा, जिसके बाद कागजी या मैन्युअल रजिस्टर रखने की परंपरा पूरी तरह खत्म हो जाएगी.
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कर्मचारियों को ट्रेनिंग: राशन कार्ड के लिए लागू किए गए नए सॉफ्टवेयर को सुचारू रूप से चलाने के लिए कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसके लिए केंद्र सरकार से दो मास्टर ट्रेनर भी बुलाए गए हैं.
राशन विक्रेताओं को तोहफा: लाभांश बढ़ाने की तैयारी
केंद्र सरकार से उत्तराखंड को ₹39 करोड़ का बजट मिल चुका है, जिससे नवंबर महीने से लंबित राशन डीलरों के लाभांश का भुगतान इसी हफ्ते कर दिया जाएगा. इसके साथ ही, राशन विक्रेता संगठन की मांग पर राज्य खाद्य योजना के तहत लाभांश को ₹50 से बढ़ाकर ₹180 करने के लिए जल्द ही कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा.
चारधाम यात्रा और एलपीजी (LPG) को लेकर विशेष इंतजाम
3 महीने का एडवांस राशन: चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों को राशन की कोई किल्लत न हो, इसके लिए सभी जिला पूर्ति अधिकारियों को अगले 3 महीने का राशन एडवांस में दुकानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं.
गैस आपूर्ति की समीक्षा करते हुए खाद्य मंत्री ने जनता को आश्वस्त किया कि प्रदेश में घरेलू (Domestic) और व्यावसायिक (Commercial) एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई पूरी तरह से सामान्य है और राज्य में कहीं भी गैस की कोई कमी नहीं है.

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