October 29, 2026

ऊधमसिंहनगर : में महिला से दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का आरोप, धर्म परिवर्तन के मामले में भी मुकदमा दर्ज

Share now

सबहेडिंग: नशीला पदार्थ देकर दुष्कर्म, आपत्तिजनक वीडियो से धमकाने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप; पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी

दिनेशपुर (ऊधम सिंह नगर)। उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के दिनेशपुर थाना क्षेत्र में एक महिला की शिकायत पर पुलिस ने दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग, धमकी देने और जबरन धर्म परिवर्तन कराने के आरोपों में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच की जा रही है और आरोपी की तलाश जारी है।

महिला की ओर से 27 अक्टूबर 2026 को थाने में दी गई शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने कथित तौर पर पहले उससे फोन पर दोस्ती की और जन्मदिन मनाने के बहाने एक होटल में ले गया। महिला ने आरोप लगाया कि वहां कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया और उसकी आपत्तिजनक वीडियो बना ली गई।

वीडियो वायरल करने की धमकी देने का आरोप

शिकायत में महिला ने आरोप लगाया कि वीडियो के जरिए उसे ब्लैकमेल किया गया और बार-बार शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाला गया। विरोध करने पर वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित करने, बदनाम करने और जान से मारने की धमकी देने की बात भी कही गई है।

महिला के मुताबिक, आरोपी ने कथित तौर पर उसकी वीडियो उसके पति को दिखा दी, जिसके बाद पारिवारिक विवाद बढ़ गया और उसका तलाक हो गया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि वीडियो और तस्वीरें सार्वजनिक करने की धमकी देकर उसे लगातार परेशान किया जाता रहा।

अजमेर ले जाकर धर्म परिवर्तन कराने का आरोप

महिला ने शिकायत में यह भी आरोप लगाया कि जुलाई 2026 में आरोपी उसे अजमेर शरीफ दरगाह ले गया, जहां कथित तौर पर उसका धर्म परिवर्तन कराया गया। उसने धोखे से प्रतिबंधित मांस खिलाने का आरोप भी लगाया है। महिला का कहना है कि कथित उत्पीड़न से परेशान होकर उसने पुलिस से शिकायत की।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा

पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर संख्या 179/26 दर्ज की है। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 और 351(3) तथा उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3/5 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

सीओ विभव सैनी के अनुसार, शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है और आरोपी की तलाश की जा रही है। पुलिस कार्रवाई जारी है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।