October 29, 2026

काशीपुर में अवैध इंटरनेशनल कॉलिंग नेटवर्क का भंडाफोड़, STF ने एक आरोपी को किया गिरफ्तार

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21 दिनों में किए गए 45,453 आउटगोइंग कॉल, SIP कनेक्शन के जरिए ILD गेटवे बाईपास और रोबो कॉलिंग की आशंका

देहरादून/काशीपुर। उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने ऊधमसिंह नगर जिले के काशीपुर में कथित अवैध टेलीकॉम नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। एसटीएफ की साइबर क्राइम कुमाऊं यूनिट ने दूरसंचार विभाग (DoT) की टीम के साथ संयुक्त कार्रवाई कर NS Enterprise के नाम से संचालित संदिग्ध टेलीकॉम सेटअप से कंप्यूटर, राउटर, SIP उपकरण, मोबाइल फोन और अन्य नेटवर्किंग डिवाइस बरामद किए हैं। शुरुआती तकनीकी जांच में SIP कनेक्शन के माध्यम से इंटरनेशनल लॉन्ग डिस्टेंस (ILD) गेटवे बाईपास और ऑटोमेटेड कॉलिंग किए जाने की आशंका सामने आई है।

एसटीएफ के अनुसार, संदिग्ध सेटअप से महज 21 दिनों के भीतर 45,453 आउटगोइंग कॉल किए जाने की जानकारी मिली थी। इस इनपुट के आधार पर एसटीएफ और दूरसंचार विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर तकनीकी जांच की। कार्रवाई के दौरान कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और डिजिटल साक्ष्य जुटाए गए, जिनका विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है।

एक आरोपी गिरफ्तार, डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी

मामले में गिरफ्तार आरोपी की पहचान नईमुद्दीन पुत्र जाहिद हुसैन, निवासी मनकुआ मकसूदपुर, थाना डिलारी, जिला मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। एसटीएफ ने आरोपी के खिलाफ साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन कुमाऊं, रुद्रपुर में भारतीय न्याय संहिता, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और दूरसंचार अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

पुलिस के मुताबिक, काशीपुर में NS Enterprise के नाम से कार्यालय किराये पर लेकर टेलीकॉम उपकरणों और इंटरनेट कनेक्टिविटी के माध्यम से संदिग्ध कॉलिंग गतिविधियां संचालित किए जाने की जानकारी मिली थी। मामले में अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

कंप्यूटर सिस्टम में मिले अहम तकनीकी साक्ष्य

एसटीएफ की तकनीकी जांच के दौरान कंप्यूटर सिस्टम में Linux आधारित वर्चुअल मशीन, FreePBX लॉगिन, रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर और SSH क्लाइंट से जुड़े साक्ष्य मिले। इसके अलावा WhatsApp Web से संबंधित डिजिटल डेटा और SIP ट्रंक, SIP केबल तथा इंटरनेट कनेक्शन के बारे में बातचीत वाली चैट भी जांच के दायरे में आई है।

जांच टीम ने कंप्यूटर सिस्टम और वर्चुअल मशीन का RAM डंप सहित अन्य तकनीकी लॉग सुरक्षित किए हैं। इनकी मदद से कॉलिंग गतिविधियों, इस्तेमाल किए गए सिस्टम और संभावित संचार नेटवर्क की प्रकृति का पता लगाया जा रहा है।

कंप्यूटर, राउटर और नेटवर्किंग उपकरण बरामद

कार्रवाई के दौरान एसटीएफ ने एक कंप्यूटर, तीन जियो राउटर, एक एयरटेल राउटर, एक SETU VTEP उपकरण, पेन ड्राइव, मोबाइल फोन और अन्य नेटवर्किंग उपकरण बरामद किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, जब्त डिजिटल सामग्री की जांच के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

एसटीएफ ने बताया कि साइबर अपराधों में इस्तेमाल होने वाले संदिग्ध टेलीकॉम नेटवर्क पर निगरानी रखी जा रही है। विभाग के मुताबिक, एक महीने के भीतर सिम बॉक्स और अवैध टेलीकॉम सेटअप से जुड़े तीन मुकदमे दर्ज कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

एसटीएफ ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की

पुलिस ने लोगों से साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल https://cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की है। अधिकारियों के मुताबिक, समय पर शिकायत करने से ठगी की रकम को रोकने की संभावना बढ़ सकती है।

यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के दिशा-निर्देशन तथा एसटीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में की गई। अभियान में एसटीएफ की साइबर क्राइम कुमाऊं यूनिट और दूरसंचार विभाग की टीम शामिल रही। मामले में जांच जारी है।