November 4, 2026

16 दिन से लापता अधिवक्ता धीरेंद्र परिहार का शव गोमती नदी किनारे मिला, बागेश्वर में शोक

Share now

17 अक्टूबर से चल रही थी तलाश, थुणाई के समीप बरामद हुआ शव; आज पुलिस प्रेस कॉन्फ्रेंस कर करेगी मामले का खुलासा

बागेश्वर। जिले में 16 दिन से लापता वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व नगर पालिका सभासद धीरेंद्र सिंह परिहार का शव मंगलवार को थुणाई के समीप गोमती नदी किनारे बरामद हुआ। उनकी मौत की खबर से शहर में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों, अधिवक्ताओं और स्थानीय लोगों में घटना को लेकर दुख के साथ ही कई सवाल भी उठ रहे हैं। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पंचनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की विस्तृत जानकारी पुलिस अधीक्षक बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से साझा करेंगे।

जानकारी के अनुसार, 35 वर्षीय धीरेंद्र सिंह परिहार 17 अक्टूबर से लापता थे। उनके अचानक गायब होने के बाद परिजन लगातार उनकी तलाश कर रहे थे। काफी खोजबीन के बावजूद उनका कोई सुराग नहीं मिलने पर उनकी मां नंदी परिहार ने कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई थी और पुलिस से बेटे की जल्द तलाश करने की गुहार लगाई थी।

धीरेंद्र की तलाश में पुलिस ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और कई स्तरों पर जांच की। इसी दौरान नुमाइशखेत क्षेत्र में कुछ सीसीटीवी कैमरों के तार काटे जाने और कैमरों को नुकसान पहुंचाने की घटना भी सामने आई थी। इससे उनकी गुमशुदगी का मामला और संदिग्ध हो गया था।

लंबे समय तक कोई सुराग नहीं मिलने पर परिजनों, अधिवक्ताओं, व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने सोमवार को एसबीआई तिराहे पर चक्काजाम कर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन में विधायक पार्वती दास भी शामिल हुई थीं। लोगों ने पुलिस से तलाश अभियान तेज करने और जल्द मामले का खुलासा करने की मांग की थी।

मंगलवार को थुणाई के पास गोमती नदी किनारे शव मिलने की सूचना पर पुलिस, फायर ब्रिगेड और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। शव को नदी किनारे से निकालकर कब्जे में लिया गया। इसके बाद पंचनामा भरने और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की गई।

फिलहाल धीरेंद्र परिहार की मौत किन परिस्थितियों में हुई और वह नदी किनारे कैसे पहुंचे, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों का पता चल सकेगा। बागेश्वर पुलिस के अनुसार, बुधवार यानी 4 नवंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले से जुड़े तथ्यों और जांच की प्रगति की जानकारी दी जाएगी।

वरिष्ठ अधिवक्ता की मौत से अधिवक्ता समाज और शहर के लोगों में शोक व्याप्त है। अब सभी की निगाहें पुलिस के आधिकारिक खुलासे और जांच के निष्कर्षों पर टिकी हैं।