September 6, 2026

उत्तराखंड में दिसंबर से जनगणना, 1 दिसंबर 2026 से शुरू होगा घर-घर गणना अभियान

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देहरादून। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले जनसंख्या गणना कराने की तैयारी पूरी कर ली गई है। भारत सरकार की ओर से जारी गजट अधिसूचना के अनुसार, हिमाच्छादित क्षेत्रों को छोड़कर प्रदेश में 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक जनगणना का कार्य किया जाएगा। इसके बाद 5 से 9 जनवरी 2027 तक पुनरीक्षण का दौर चलेगा।

जनगणना के लिए जनता को 16 से 30 नवंबर 2026 तक स्व-गणना का विकल्प भी उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं, उत्तराखंड के हिमाच्छादित क्षेत्रों में जनगणना का कार्य पहले से चल रहा है, जो 30 सितंबर तक जारी रहेगा।

चुनाव से पहले जनगणना कराने का फैसला

उत्तराखंड के साथ उत्तर प्रदेश, गोवा और पंजाब में भी विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। सामान्य तौर पर देश में जनगणना के लिए फरवरी का समय निर्धारित किया गया था, लेकिन इन राज्यों में आगामी चुनावों को देखते हुए केंद्र सरकार ने यहां जनगणना का कार्यक्रम पहले कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए संबंधित अधिसूचना जारी कर दी गई है।

जनगणना में जुटाई जाएगी विस्तृत जानकारी

जनगणना के दौरान लोगों से नाम, उम्र, लिंग, वैवाहिक स्थिति, जन्म स्थान, धर्म, मातृभाषा, सामाजिक वर्ग, शिक्षा, रोजगार और व्यवसाय से संबंधित जानकारी ली जाएगी। इसके अलावा प्रवास, आवास, दिव्यांगता, बच्चों से संबंधित विवरण और अन्य सामाजिक-आर्थिक जानकारियां भी दर्ज की जाएंगी।

अधिसूचना के अनुसार, उपलब्ध होने पर मोबाइल नंबर, आधार, वोटर आईडी, पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस जैसी जानकारियां भी मांगी जा सकती हैं। इसके साथ ही बैंक खातों की संख्या तथा कोविड-19 टीकाकरण से संबंधित जानकारी भी जनगणना प्रक्रिया में शामिल की गई है।