मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन( IMA) और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास से संबंधित समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में IMA के सदस्यों द्वारा प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और गुणवत्ता में सुधार के संबंध में अपने बहुमूल्य सुझाव साझा किए।
आईएमए के सदस्यों ने कहा कि उत्तराखंड का अधिकतर क्षेत्र दूरस्थ श्रेणी में आता है इस कारण यहां स्वास्थ्य सुविधाओं का विकास करना एक चुनौतीपूर्ण कदम है। इसके लिए उन्होंने राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास हेतु 50 बैड से नीचे के क्लीनिक/ नर्सिंग होम स्थापित करने हेतु क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के मानकों में शिथिलता लाने के सुझाव दिए।
उन्होंने पंजीकरण से लेकर क्लीनिक भवन के निर्माण और क्लीनिक स्थापित करने हेतु विभिन्न प्रकार की अनापत्ति (पंजीकरण, फायर, प्रदूषण इत्यादि से संबंधित) को सरलतम बनाने की अपेक्षा की।
आईएमए के सदस्यों ने अन्य प्रदेशों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास से संबंधित बनाए गए सरलतम मानकों को भी प्रदेश में आत्मसात करने का सुझाव रखा।
इस अवसर पर मुख्य सचिव ने सचिव स्वास्थ्य को निर्देशित किया कि आईएमए के सदस्यों द्वारा प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहतरी से संबंधित सुझाए गए बिंदुओं पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए निर्देशित किया कि जो सुझाव व्यावहारिक और समय के अनुरूप किए जाने अपेक्षित हो उनको बायोलॉज में शामिल करने की कार्रवाई करें ।
उन्होंने आईएमए के सदस्यों के समन्वय से इस संबंध में अग्रिम कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर बैठक में सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर राजेश कुमार, IMA से प्रेसिडेंट उत्तराखंड डॉ के के शर्मा व सचिव डॉ डी डी चौधरी, अपर सचिव संतोष बडोनी, डीजी हेल्थ सुनीता टम्टा सहित संबंधित अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।

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