- ‘समान कार्य, समान वेतन’ के रूप में सीएम धामी ने दर्ज की एक और उपलब्धि
- उपनल कर्मियों की वर्षों पुरानी लंबित मांग को सीएम धामी ने पूरा किया
उपनल कर्मियों को दस वर्ष की सेवा पूरी करने पर समान कार्य के बदले समान वेतन दिए जाने का शासनादेश जारी होने के साथ ही, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के खाते में एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज हो गई है।
उपनल कर्मी अपनी विभिन्न मांगों के लिए लंबे समय से आंदोलनरत थे, इस बीच कई सरकारें बदली। आखिरकार अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर उपनल कर्मियों को दस साल की सेवा पूरी करने पर समान कार्य के बदले समान वेतन मिलने का शासनादेश जारी हो गया है। यह उपनल कर्मियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस तरह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के हजारों लोगों के भविष्य से जुड़े एक और जटिल विषय का समाधान कर दिया है। जिससे ना सिर्फ विभागों की कार्य दक्षता में सुधार होने की उम्मीद है, बल्कि उपनल कर्मचारियों का भविष्य भी सुरक्षित हो गया है। इससे पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समान नागरिक संहिता, सख्त नकल विरोधी कानून, भू कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून जैसे वर्षों पुरानी लंबित मांगों पर ठोस कानूनी कार्रवाई कर चुके हैं।उपनल कर्मियों को समान कार्य के बदले समान वेतन प्रदान कर दिया गया है। सरकार कार्मिक हितों के लिए पहले दिन से ही प्रतिबद्ध है। हम प्रदेश हित में हर जटिल मुद्दे का समाधान निकालने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने के लिए तैयार हैं।

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