मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में जन्म-मृत्यु पंजीकरण के सम्बन्ध में राज्य स्तरीय अन्तर्विभागीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित हुयी। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने जन्म-मृत्यु पंजीकरण की प्रक्रिया एवं समस्याओं के सम्बन्ध में विस्तार से चर्चा की।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जन्म-मृत्यु का पंजीकरण निर्धारित समय सीमा के अन्तर्गत अनिवार्य रूप से कर लिया जाए। उन्होंने जन्म-मृत्यु पंजीकरण से सम्बन्धित पुराने दस्तावेजों का भी डिजीटाईजेशन किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्रार कार्यालयों के बाहर सूचना पट पर रजिस्ट्रार कार्यालय के सम्बन्ध में आवश्यक जानकारी अनिवार्य रूप से लगायी जाए।
मुख्य सचिव ने जनपद स्तर पर जिला रजिस्ट्रार/जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय समिति (डीएलसीसी) की बैठक का आयोजन वर्ष में कम से कम एक बार अनिवार्य रूप से किये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने राज्य में फर्जी पोर्टल/वेबसाइटों के माध्यम से जन्म-मृत्यु पंजीकरण के कार्य को रोकने हेतु व्यापक प्रचार सहित आवश्यक कार्यवाही किए जाने की भी बात कही।
इस अवसर पर सचिव श्री रविनाथ रमन, डॉ. आर. राजेश कुमार, निदेशक जनगणना कार्य निदेशालय श्रीमती ईवा आशीष श्रीवास्तव, अपर सचिव श्री श्रीमती रंजना राजगुरू सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

More Stories
दिव्यांशु हत्याकांड पर देहरादून में किसानों का प्रदर्शन, टिकैत बोले—इंसाफ चाहिए
एनडीएमए और यूएसडीएमए ने चारधाम यात्रा के लिए कसी कमर
Skill India 2025–26: 3D Digital Game Art में अक्षज पटानी ने नेशनल में जीता सिल्वर