August 13, 2026

प्रेमनगर में पुलिस-बदमाशों के बीच मुठभेड़, सहारनपुर का गैंगस्टर रईस घायल

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पुलिस पर फायरिंग के बाद जवाबी कार्रवाई, साथी नवाब अंधेरे का फायदा उठाकर फरार

देहरादून। स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर चलाए जा रहे सघन चेकिंग अभियान के दौरान प्रेमनगर क्षेत्र में देर रात पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ में सहारनपुर का कथित गैंगस्टर रईस पुलिस की जवाबी कार्रवाई में घायल हो गया। उसके दोनों पैरों में गोली लगी, जिसके बाद पुलिस ने उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। वहीं उसका साथी नवाब अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने फरार आरोपी की तलाश में आसपास के क्षेत्र में सर्च अभियान शुरू कर दिया है।

पुलिस के अनुसार, 12-13 अगस्त की देर रात प्रेमनगर थाना क्षेत्र में दरू चौक के पास संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान बिना नंबर की काले रंग की बाइक पर सवार दो संदिग्ध पुलिस को दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन बाइक सवार तेजी से चाय बागान की ओर भागने लगे।

पुलिस टीम ने कंट्रोल रूम के माध्यम से आसपास के थानों को सूचना दी और बदमाशों का पीछा शुरू किया। पितांबरपुर-बनियावाला मार्ग पर बदमाश बाइक छोड़कर चाय बागान की ओर भाग गए। पुलिस का दावा है कि पीछा किए जाने के दौरान बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिससे सरकारी वाहन भी क्षतिग्रस्त हुआ। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें रईस घायल हो गया।

मौके से हथियार और बाइक बरामद

घायल आरोपी की पहचान रईस पुत्र नसीम, निवासी खाताखेड़ी, थाना मंडी, सहारनपुर के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक उसकी उम्र करीब 26 वर्ष है। मुठभेड़ स्थल से 315 बोर का तमंचा, दो खोखा कारतूस, चापड़, कुल्हाड़ी, दो चाकू, नायलॉन की रस्सी और बिना नंबर की स्प्लेंडर बाइक बरामद की गई है।

2024 की गौकशी की घटना में था वांछित

एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल के अनुसार, घायल रईस वर्ष 2024 में प्रेमनगर क्षेत्र में हुई गौकशी की घटना के मामले में वांछित चल रहा था। इस प्रकरण में उसके चार साथियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पुलिस के मुताबिक रईस के खिलाफ उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में गौकशी, चोरी, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट समेत करीब डेढ़ दर्जन मुकदमे दर्ज हैं।

पूछताछ में सामने आई वारदात की तैयारी

पुलिस के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ में रईस ने बताया कि वह अपने साथी नवाब के साथ दोबारा देहरादून आया था। दोनों कथित तौर पर टी-स्टेट और आसपास के क्षेत्रों में घूमने वाले आवारा गौवंश की रेकी कर रहे थे। पुलिस का दावा है कि दोनों किसी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे और पहचान छिपाने के लिए बाइक की नंबर प्लेट भी हटा दी गई थी।

फरार आरोपी की तलाश में सर्च अभियान

पुलिस पर फायरिंग के मामले में प्रेमनगर थाने में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। फरार नवाब की तलाश के लिए आसपास के क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। वहीं घायल रईस का अस्पताल में उपचार कराया जा रहा है।

स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए देहरादून पुलिस ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की लगातार जांच के निर्देश दिए हैं। अंतरराज्यीय और अंतरजनपदीय चेकपोस्ट के साथ-साथ आंतरिक मार्गों पर भी पुलिस की निगरानी बढ़ाई गई है।