हरिद्वार:
हरिद्वार में एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा हुआ है, जहां आत्महत्या का मामला दरअसल सुनियोजित हत्या निकला। हैरानी की बात यह है कि इस वारदात को अंजाम देने वाला कोई बाहरी नहीं, बल्कि मृतक की पत्नी और बेटी ही निकलीं।
उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के श्यामपुर क्षेत्र में 2 अप्रैल को सामने आए कथित आत्महत्या के मामले ने जांच के बाद चौंकाने वाला मोड़ ले लिया। पुलिस पड़ताल में साफ हुआ कि बबलू नाम के व्यक्ति ने आत्महत्या नहीं की थी, बल्कि उसकी हत्या कर उसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई थी।
शनिवार को एसपी सिटी अभय सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि शुरुआती सूचना मृतक की पत्नी पूजा ने दी थी। उसने दावा किया था कि उसके पति ने शराब के नशे में खुदकुशी कर ली। लेकिन मौके पर पहुंची पुलिस को हालात संदिग्ध लगे, जिसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया।
मामले में नया मोड़ तब आया जब मृतक के भाई ने हत्या की आशंका जताते हुए तहरीर दी। इसके बाद पुलिस ने टीम गठित कर आसपास के लोगों और परिवार से पूछताछ शुरू की। इसी दौरान मृतक के नाबालिग बेटे ने पूरी सच्चाई उजागर कर दी।
बेटे के मुताबिक, उसकी मां और बहन ने मिलकर बबलू की हत्या की। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि पहले शराब में नींद की दवा मिलाकर बबलू को सुलाया गया, फिर उसके हाथ-पैर बांधकर तकिए से मुंह दबाकर हत्या कर दी गई।
जांच में यह भी सामने आया कि पत्नी के किसी अन्य व्यक्ति से संबंध थे, जिनका विरोध करने पर बबलू अक्सर झगड़ा करता था। इसी वजह से उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची गई।
हत्या के बाद सबूत छिपाने के लिए शव को दूसरे कमरे में ले जाकर जहरीला पदार्थ डालकर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई। अगले दिन पत्नी ने झूठी कहानी बनाकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया।
पुलिस ने मौके से कई अहम सबूत बरामद किए हैं, जिनमें मोबाइल फोन, जहरीली दवा, शराब का पैक, दुपट्टा और तकिया शामिल हैं। मुख्य आरोपी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि नाबालिग बेटी को संरक्षण में लेकर न्यायालय में पेश किया गया।

More Stories
कल राज्य के पांच जनपदों में भारी बारिश का रेड अलर्ट, 27 सितम्बर को 04 जनपदों के लिए रेड अलर्ट जारी
बदरीनाथ धाम में सेना के सांस्कृतिक महोत्सव पर विवाद, आयोजन के स्वरूप पर उठे सवाल
पीएमजीएसवाई ने बदली पहाड़ की तस्वीर, उत्तराखंड में 21,915 किमी सड़कों का बिछा जाल