उत्तराखंड आबकारी विभाग की ओर से मंगलवार को देहरादून जनपद के कुँआवाला क्षेत्र स्थित शराब गोदामों का औचक निरीक्षण किया गया। यह निरीक्षण आबकारी आयुक्त उत्तराखंड अनुराधा पाल के निर्देश पर किया गया, जिसमें, सहायक आयुक्त के.पी. सिंह, आबकारी निरीक्षक संजय रावत और सुंदर तोमर समेत अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य राज्य सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप गोदामों में भंडारण व्यवस्था, स्टॉक प्रबंधन, सुरक्षा प्रावधानों और परिवहन प्रणाली की गहन समीक्षा करना था ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आबकारी राजस्व की सुरक्षा और उपभोक्ताओं की सुविधा दोनों सुनिश्चित हो सकें।
गोदामों में स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया गया और स्टॉक रजिस्टर का मिलान कर जांच की गई।
विदेशी मदिरा के सैंपल लेकर उसकी शुद्धता की जांच की गई।
निरीक्षण में किसी प्रकार की विसंगति नहीं पाई गई।
स्टॉक के निरंतर निगरानी हेतु सीसीटीवी कैमरे, फायर सेफ्टी, स्टाफ की उपस्थिति और तकनीकी संसाधनों की भी जांच की गई।
भविष्य में किसी भी तरह की शिथिलता को रोकने हेतु गोदाम संचालकों को स्व-ऑडिट प्रक्रिया अपनाने और उसकी रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों के निर्देश:
आबकारी आयुक्त ने कहा कि किसी भी प्रकार की अनियमितता, तानाशाही या अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गोदामों में सुरक्षा मानकों, स्टॉक नियंत्रण, और परिवहन की पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
इसके अतिरिक्त, मदिरा दुकानों को सभी ब्रांड्स की नियमित और समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए ताकि उपभोक्ताओं को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।
निष्कर्ष:
यह निरीक्षण राज्य सरकार की पारदर्शी और सख्त आबकारी नीति को लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल आबकारी राजस्व की रक्षा होगी, बल्कि उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण सेवा भी सुनिश्चित की जा सकेगी।

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