प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और दया का अनूठा उदाहरण पेश करते हुए फिल्म निर्माता सुमित अदलाखा जी ने अपने घर से एक घायल उल्लू को रेस्क्यू कर वन विभाग को सौंपा। उन्होंने वन विभाग से अनुरोध किया कि इस उल्लू का उपचार करके इसे उसी स्थान पर छोड़ा जाए, ताकि यह अपने परिवार के पास लौट सके। यह कदम हमें सिखाता है कि इंसान और प्रकृति के बीच सामंजस्य कैसे बनाए रखा जाए। सुमित जी की यह सराहनीय पहल हर किसी के लिए प्रेरणा है।

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