प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और दया का अनूठा उदाहरण पेश करते हुए फिल्म निर्माता सुमित अदलाखा जी ने अपने घर से एक घायल उल्लू को रेस्क्यू कर वन विभाग को सौंपा। उन्होंने वन विभाग से अनुरोध किया कि इस उल्लू का उपचार करके इसे उसी स्थान पर छोड़ा जाए, ताकि यह अपने परिवार के पास लौट सके। यह कदम हमें सिखाता है कि इंसान और प्रकृति के बीच सामंजस्य कैसे बनाए रखा जाए। सुमित जी की यह सराहनीय पहल हर किसी के लिए प्रेरणा है।

More Stories
वर्षों से नौनिहालों की सुरक्षा को खतरा बने जिले के 56 जर्जर भवन जिला प्रशासन ने कराए ध्वस्त
उत्तराखंड कैबिनेट द्वारा लिये गये अहम निर्णय
स्वच्छता ही सेवा- केदारनाथ में एक सप्ताह में जमा किया एक हजार किलो प्लास्टिक वेस्ट