देहरादून।
प्रदेश सरकार ने रजिस्ट्री शुल्क में बड़ा बदलाव करते हुए इसे 25 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया है। नई दरें वित्त विभाग के आदेश जारी होने के बाद तुरंत प्रभाव से लागू हो गई हैं। इसे राज्य सरकार का राजस्व बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सोमवार को वित्त विभाग के निर्देशों के बाद महानिरीक्षक निबंधन (आईजी स्टांप) कार्यालय की ओर से सभी जिलों को औपचारिक पत्र जारी कर दिया गया। अब तक प्रदेश में प्रति रजिस्ट्री दो प्रतिशत शुल्क लिया जाता था, जिसकी अधिकतम सीमा 25 हजार रुपये निर्धारित थी। नई व्यवस्था में यह सीमा बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी गई है।
आईजी स्टांप सोनिका ने बताया कि रजिस्ट्री शुल्क में पिछला संशोधन वर्ष 2015 में हुआ था, जब इसे 10 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये किया गया था। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में रजिस्ट्री शुल्क एक प्रतिशत है और इसकी कोई अधिकतम सीमा नहीं है, जबकि उत्तराखंड में सीमा तय होने से आम खरीदारों पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि 10 साल बाद किया गया यह संशोधन वित्तीय दृष्टि से आवश्यक था।

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