October 30, 2026

हल्द्वानी में बाल यौन शोषण से जुड़ी ऑनलाइन सामग्री के मामले में कार्रवाई, डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच तेज

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एसटीएफ के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक प्रदेश में करीब 150 मुकदमे दर्ज; 25 अक्टूबर को मिलीं 11 शिकायतों के आधार पर हल्द्वानी में दर्ज हुआ था मामला

देहरादून। उत्तराखंड में बच्चों के ऑनलाइन यौन शोषण और बाल यौन शोषण से संबंधित अवैध सामग्री के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक एनसीएमईसी, साइबर टिपलाइन और नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) से मिली सूचनाओं के आधार पर प्रदेश में करीब 150 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। इसी कड़ी में हल्द्वानी में ऑनलाइन अश्लील सामग्री सर्च और डाउनलोड करने से जुड़े मामले में डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की गई है।

एसटीएफ के मुताबिक, 25 अक्टूबर 2026 को NCRP के माध्यम से मिली 11 शिकायतों के आधार पर हल्द्वानी कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया। मामले में पॉक्सो अधिनियम की धारा 14/15 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67(B) के तहत कार्रवाई की गई। जांच के दौरान पुलिस ने दो मोबाइल फोन, एक टैबलेट, एक लैपटॉप और एक खाली मोबाइल बॉक्स बरामद किया।

डिजिटल उपकरणों की जांच में मिले आपत्तिजनक साक्ष्य

पुलिस के अनुसार, जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों की तकनीकी जांच में लैपटॉप और मोबाइल फोन के ब्राउजर में अश्लील सामग्री से संबंधित सर्च हिस्ट्री, डाउनलोड हिस्ट्री और अन्य डिजिटल प्रविष्टियां मिलीं। लैपटॉप की एक ड्राइव में कई आपत्तिजनक वीडियो और फोटो भी पाए गए। इसके अलावा ब्रेव ब्राउजर की सर्च और डाउनलोड हिस्ट्री तथा रिसाइकल बिन में भी संबंधित डिजिटल फाइलें मिलीं।

गूगल क्रोम ब्राउजर की जांच में तीन ई-मेल आईडी लॉग-इन मिलीं। एसटीएफ के अनुसार, विवेचना में सामने आए तथ्यों के आधार पर इनका संबंध साइबर टिपलाइन के जरिए मिली शिकायतों से पाया गया। संबंधित व्यक्ति ने अपने बयान में दो ई-मेल आईडी स्वयं की और एक अपनी मां की बताई।

नाबालिग से जुड़े मामले के तथ्य भी आए सामने

एसटीएफ के अनुसार, डिजिटल साक्ष्यों और जांच में सामने आए तथ्यों के विश्लेषण के दौरान बाल यौन शोषण से संबंधित सामग्री को इंटरनेट पर सर्च और डाउनलोड करने के साथ एक नाबालिग किशोर के साथ अश्लील कृत्य की वीडियोग्राफी किए जाने से जुड़े तथ्य भी सामने आए हैं। पुलिस ने किशोर की भूमिका से संबंधित तथ्यों की जांच करते हुए संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की है।

ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखने की अपील

एसटीएफ आईजी नीलेश भरणे ने कहा कि बच्चों को ऑनलाइन यौन शोषण और साइबर अपराधों से सुरक्षित रखना पुलिस की प्राथमिकता है। साइबर टेक्निकल टीम एनसीएमईसी, साइबर टिपलाइन और NCRP से मिलने वाली सूचनाओं का विश्लेषण कर संबंधित जिलों को कार्रवाई के लिए जानकारी उपलब्ध करा रही है।

उन्होंने आमजन से अपील की कि बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें और उन्हें साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करें। बाल यौन शोषण से संबंधित अवैध सामग्री को डाउनलोड, संग्रहित या साझा न करें। ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें।