पौड़ी :
जिले में लगातार बढ़ रहे गुलदार के आतंक के बीच एक बार फिर वन्यजीव हमले ने ग्रामीणों में दहशत बढ़ा दी है. गढ़वाल मंडल के पौड़ी जिले में गुलदार के हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. बीते मंगलवार को आंगनबाड़ी से घर लौट रहे 4 वर्षीय मासूम पर गुलदार ने हमला किया था, गनीमत रही कि बालक सुरक्षित बच गया. अभी लोग इस घटना से उबर भी नहीं पाए थे कि गुरुवार को गजल्ट गांव में गुलदार ने एक और व्यक्ति को मौत के घाट उतार दिया. ग्रामीणों के मुताबिक गजल्ट गांव निवासी 45 वर्षीय राजेन्द्र नौटियाल रोजाना की तरह गांव के मंदिर में पूजा-अर्चना करने गए थे और घर लौटते समय रास्ते में घात लगाए बैठे गुलदार ने उन पर हमला कर दिया. हमले में नौटियाल की मौके पर ही मौत हो गई और गुलदार शव को घसीट कर झाड़ियों में ले गया.
ऐसे में डीएम ने अब पौड़ी और कोट विकासखंड के चयनित आंगनबाड़ी केंद्रों को 5 से 8 दिसंबर तक एहतियातन बंद रखने के निर्देश जारी किए हैं. उधर, प्रमुख वन संरक्षक ने गुलदार को मारने के आदेश जारी कर दिए हैं.
बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने पौड़ी और कोट विकासखंड के चयनित आंगनबाड़ी केंद्रों को 05 से 08 दिसंबर तक एहतियातन बंद रखने के निर्देश जारी किए हैं. ऐसे में उन केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है, जहां गुलदार की गतिविधि और चहलकदमी अधिक दर्ज की गई है. डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रभावित क्षेत्रों में वन विभाग और पुलिस की गश्त बढ़ाई जाए. ग्रामीणों को सुरक्षा संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश उपलब्ध कराए जाएं. बच्चों और बुजुर्गों को अकेले आवागमन से परहेज की सलाह दी जाए. इसके साथ ही स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों के निकट कैमरा ट्रैप और पिंजरे लगाने की प्रक्रिया तेज की जाए.
विकासखंड पौड़ी के ग्राम गजल्ड़ में गुलदार के हमले और उसके बाद क्षेत्र में जारी सक्रियता का संज्ञान लेते हुए बाल विकास विभाग द्वारा कौडला, कफलना, बाड़ा, सिरोली, पिसोली, डोभा और वजली आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टी घोषित की गई है. इसी तरह विकासखंड कोट के देवार क्षेत्र में हाल ही में बच्चे पर हुए हमले के बाद सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए देवार-1, देवार, उडडा, बुरांसी, देवल (चमना), काण्डा और नवन आंगनबाड़ी केंद्रों में भी समान अवधि के लिए अवकाश लागू किया गया है.
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क और संवेदनशील है. प्रभावित क्षेत्रों में वन विभाग और स्थानीय प्रशासन मिलकर निगरानी बढ़ा रहे हैं. साथ ही ग्रामीणों को वन्यजीवों से सुरक्षित रहने, बच्चों को अकेले न भेजने और आवश्यक सावधानियां बरतने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है. वहीं, गुलदार के बढ़ते आतंक का वन विभाग ने संज्ञान लिया है. प्रमुख वन संरक्षक रंजन कुमार मिश्र ने गुलदार को मारने के आदेश जारी किए हैं.

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