मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 की समीक्षा की। बैठक के दौरान विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई एवं मुख्य सचिव द्वारा दिशा निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने प्रदेश में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए कम्पलीट मैकेनिज्म तैयार किए जाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए शीघ्र कार्ययोजना प्रस्तुत किए जाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन के तहत अधिकारियों को चारधाम यात्रा मार्गों एवं जनपदों के प्रवेश मार्गों पर ठोस अपशिष्ट के निस्तारण के लिए अतिरिक्त फंड्स उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चारधाम यात्रा मार्गों एवं चारों धामों के आसपास स्वच्छता बनाए रखने के लिए जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस अतिरिक्त फण्ड का उचित उपयोग किए जाने की बात कही।

मुख्य सचिव ने पूरे प्रदेश सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट द्वारा उपचारित जल को ग़ैर पेयजल कार्यों में उपयोग किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जहाँ भी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए गए हैं, उनसे उपचारित जल को आसपास के क्षेत्रों में ग़ैर पेयजल कार्यों में 100 प्रतिशत उपयोग में लाए जाने हेतु कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने प्रदेश के भीतर सभी कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट्स और वेस्ट टू एनर्जी प्लांट्स को शीघ्र तैयार कर संचालित किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम को भी शीघ्र से शीघ्र शुरू क्या जाए, ताकि डोर टू डोर कूड़ा उठान कार्य की निगरानी सुनिश्चित की जा सके।
इस अवसर पर सचिव नितेश कुमार झा, रणवीर सिंह चौहान एवं डॉ अहमद इकबाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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