August 12, 2026

हरिद्वार में दो बाघों की मौत का खुलासा, 3 आरोपी गिरफ्तार

Share now
हरिद्वार:

Haridwar की श्यामपुर रेंज में दो बाघों की मौत के मामले में वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आशिक पुत्र गामा और जुप्पी पुत्र अल्लू के रूप में हुई है। इससे पहले आलम उर्फ फम्मी नामक आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी थी।

अब तक चार आरोपियों में से तीन को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि चौथा आरोपी आमिर हमजा उर्फ मियां अभी फरार बताया जा रहा है।

जहरीला मांस खाने से हुई बाघों की मौत

बीते सोमवार को श्यामपुर रेंज की सजनपुर बीट में दो वर्षीय बाघ और बाघिन के शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया था। जांच में सामने आया कि वन गुज्जरों ने अपनी भैंस का शिकार होने के बाद उसके शव पर जहरीला पदार्थ छिड़क दिया था।

जब बाघों ने उस मांस को खाया तो उनकी मौत हो गई। आरोप है कि इसके बाद आरोपियों ने बाघों के पैर काट दिए और खाल व अन्य अंग बेचने की तैयारी कर रहे थे।

वन कर्मियों की सतर्कता से खुला मामला

वन विभाग की गश्ती टीम को जंगल में संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दीं। पूछताछ में वन गुज्जरों ने भैंस खोजने की बात कही, लेकिन वन कर्मियों को शक होने पर सर्च अभियान चलाया गया। इसके बाद जंगल से दोनों बाघों के शव बरामद हुए।

वन मंत्री ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

मामले की गंभीरता को देखते हुए वन मंत्री Subodh Uniyal घटनास्थल पहुंचे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि विभागीय लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों पर भी सस्पेंशन की कार्रवाई होगी।

इसके बाद डीएफओ Swapnil Aniruddha ने रेंजर, फॉरेस्टर और फॉरेस्ट गार्ड से स्पष्टीकरण मांगा है।

राजाजी टाइगर रिजर्व का संवेदनशील क्षेत्र

जिस इलाके में बाघों के शव मिले, वह Rajaji Tiger Reserve की चीला रेंज से सटा बफर जोन है। यहां करीब 41 बाघ और सैकड़ों हाथियों की आवाजाही रहती है।

फरार आरोपी की तलाश जारी

वन विभाग के अनुसार फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जा रहा है और मामले की गहन जांच जारी है।