उत्तराखंड में बर्ड फ्लू को लेकर विभाग सतर्क, मुर्गी फार्मों की बढ़ी निगरानी, एडवाइजरी जारी
ऐसे में दून में सतर्कता बढ़ा दी गई है। दून में 30 बड़े पशु चिकित्सालय और करीब 50 छोटी डिस्पेंसरी को एडवाइजरी जारी की गई है।
पशु चिकित्सकों को संदेह होने पर ब्लड सैंपलिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, जिले में अभी बर्ड फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया है। जिले में मुर्गी फार्मों की निगरानी भी की जा रही है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार दून में करीब 40 मुर्गी फार्म संचालित हो रहे हैं।
पशु चिकित्सकों को संदेह होने पर ब्लड सैंपलिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, जिले में अभी बर्ड फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया है। जिले में मुर्गी फार्मों की निगरानी भी की जा रही है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार दून में करीब 40 मुर्गी फार्म संचालित हो रहे हैं।
प्रत्येक फार्म में तीन से पांच हजार मुर्गियों का पालन होता है। बिजनौर, मुरादाबाद, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर राज्य के पड़ोसी जिले हैं। लिहाजा, यहां से मुर्गियों का व्यापार राजधानी समेत अन्य स्थानों को होने की संभावना रहती है।
ऐसे में दून में सतर्कता बढ़ा दी गई है। दून में 30 बड़े पशु चिकित्सालय और करीब 50 छोटी डिस्पेंसरी को एडवाइजरी जारी की गई है। पशु चिकित्सकों से कहा गया है कि संदेह होने पर ब्लड सैंपलिंग करें और ऋषिकेश प्रयोगशाला भेजें। बता दें कि डोईवाला, रायपुर, सहसपुर व विकासनगर में बड़े पैमाने पर मुर्गी फार्म संचालित हो रहे हैं।
गो आश्रय स्थलों पर कीटनाशक के छिड़काव के निर्देश
सीवीओ विद्यासागर कापड़ी ने बताया कि दून में बर्ड फ्लू का कोई मामला नहीं है। विभाग की ओर से सभी डॉक्टरों को संदेह होने पर सैंपलिंग के निर्देश दिए गए हैं। मुर्गी फार्म और गो आश्रय स्थलों पर कीटनाशक दवाओं के छिड़काव और सफाई रखने के लिए कहा गया है। विभाग पूरी तरह से सतर्क है।

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