May 15, 2026

DM सविन बंसल का एक्शन: विकासनगर में ‘रजिस्ट्री खेल’ का भंडाफोड़, उप निबंधक सस्पेंड

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देहरादून:

राजधानी देहरादून के विकासनगर क्षेत्र में भू-धोखाधड़ी और सरकारी राजस्व को चूना लगाने का एक बड़ा मामला सामने आया है। जिलाधिकारी सविन बंसल द्वारा सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में किए गए औचक निरीक्षण ने विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की पोल खोल दी है।

उप निबंधक पर कार्रवाई और निलंबन

निरीक्षण के दौरान मिली गंभीर खामियों को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल प्रभाव से उप निबंधक अपूर्वा सिंह के निलंबन और विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेज दी है।

जांच में हुए चौंकाने वाले खुलासे

जिलाधिकारी की छापेमारी में कार्यालय की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े हुए हैं:

गोल्डन फॉरेस्ट लैंड स्कैम: सुप्रीम कोर्ट के कड़े प्रतिबंध के बावजूद गोल्डन फॉरेस्ट के खातों में लगभग

150 अवैध रजिस्ट्रियां की गईं।दस्तावेजों का अंबार: वर्ष 2018 से 2025 तक के सैकड़ों मूल विलेख (Original Deeds) संदिग्ध परिस्थितियों में कार्यालय में डंप मिले। कई दस्तावेज बिना किसी वैध कारण के वर्षों से दबा कर रखे गए थे।

लंबित रजिस्ट्रियां: बिना किसी रिकॉर्ड या सूचना के 25 रजिस्ट्रियां पेंडिंग पाई गईं, जिनका कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला।

करोड़ों की स्टांप चोरी का अनुमान

प्रशासनिक जांच में धारा 47-ए के तहत स्टांप शुल्क चोरी के 47 संदिग्ध प्रकरण चिन्हित किए गए हैं। शुरुआती जांच में यह मामला करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान का लग रहा है। प्रशासन अब वर्तमान के साथ-साथ पूर्व में तैनात रहे सब-रजिस्ट्रारों और कर्मचारियों की भूमिका की भी गहन जांच कर रहा है।

भ्रष्टाचार पर ‘जीरो टॉलरेंस’

जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। उन्होंने कहा:

“राजस्व और भूमि मामलों में किसी भी प्रकार की पारदर्शिता की कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के खिलाफ कठोर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।”
इस कार्रवाई से भू-माफियाओं और भ्रष्ट अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। जिला प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में अन्य कार्यालयों में भी इसी तरह की आकस्मिक जांच की जा सकती है।