देहरादून।
2016 में हुए नुकसान को पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने किया याद
साल 2000 में जब उत्तराखंड राज्य उत्तर प्रदेश से अलग होकर एक नया राज्य बना तब से ही उत्तराखंड की राजनीति बड़ी दिलचस्प रही है। प्रदेश की राजनीति में कई उतार चढ़ाव आए है। साल 2016 में उत्तराखंड राज्य में कांग्रेस की सरकार थी जिसके मुख्यमंत्री कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत थे। उनकी सरकार बीच में ही गिर गई क्योंकि उन्हीं के लोग पार्टी तोड़कर चले गए लेकिन इसके घाव आज भी भरे नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत से जब दलबदल को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि जिनको कभी न कभी सूखना ही था वो भाजपा में चले गए ।किशोर उपाध्याय जैसे लोग चले गए अच्छा ही हुआ हालांकि पहले चले जाते तो जितना नुकसान 2016 में किया वो कम हो जाता । जो कल्चर कांग्रेस में था उसमें हर बात पर बयान दे सकते थे हर बात कह सकते थे लेकिन अब भाजपा में बयान देकर देखें । उन्होंने कहा कि इनके जाने का असर जरूर पड़ा है क्योंकि जहां बिल्कुल लोकतंत्र नहीं था अब वहां लोकतंत्र त्रिवेंद्र सिंह रावत के रूप में दिखाई दिया है लगता है इन्हीं की संगत का असर है।

More Stories
सड़क दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित उपचार के लिए उत्तराखंड में बनेगी समन्वित आपातकालीन व्यवस्था
स्वच्छ सर्वेक्षण-2026: श्रीनगर नगर निगम की अनोखी पहल, बार्बर दुकानों से यूज्ड ब्लेड का होगा वैज्ञानिक निस्तारण
देहरादून में नकली दवाइयों का बड़ा भंडाफोड़, नामी कंपनियों के नाम पर बन रही थीं फर्जी मेडिसिन; मशीनें और भारी मात्रा में सामग्री जब्त