हरिद्वार के निरंजनी अखाड़े में जापान के संत को महामंडलेश्वर की उपाधि दी है। शुक्रवार को हरिद्वार स्थित निरंजनी अखाड़े में संत का पट्टाभिषेक कराया गया। पट्टाभिषेक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साधु संत मौजूद रहे। जापान के टोक्यो में जन्मे 41 वर्षीय ताका युकी होशी महामंडलेश्वर बनने के बाद बाला कुंभ मुनि पूरी बन गए है। संत के साथ उनके दर्जनों शिष्य भी पट्टाभिषेक में शामिल होने के लिए जापान से पहुंचे। अखाड़े के सचिव महंत रविंद्र पुरी ने बताया कि बाला कुंभ मुनि आध्यात्मिक संत हैं, और टोक्यो में मंदिर और आश्रमों के जरिए लोगों को धर्म और आध्यात्मिक की शिक्षा देते हैं। जापानी संत की ओर से जानकारी दी गई की करीब 20 वर्ष पहले वे भारत की यात्रा पर आए थे। इसके बाद वे यहां सनातनी संस्कृति को देखकर प्रभावित हुए। भविष्य में उनकी योजना उत्तराखंड में आश्रम बनाकर निवास करने की है।

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