सरकार का ₹5400 करोड़ राजस्व लक्ष्य, 700 दुकानों से बढ़ेगी आमदनी
देहरादून,
उत्तराखंड में शराब उपभोक्ताओं के लिए नई वित्तीय वर्ष की शुरुआत महंगी साबित हुई है। राज्य में 1 अप्रैल से शराब की कीमतों में बढ़ोतरी लागू कर दी गई है। आबकारी विभाग द्वारा जारी नई दरों के अनुसार अब हर बोतल पर ₹5 से ₹20 तक अधिक कीमत चुकानी होगी।
नई आबकारी नीति लागू
दरअसल, राज्य सरकार ने 3 वर्ष की नई आबकारी नीति लागू की है, जिसके तहत हर साल शराब की कीमतों में सीमित बढ़ोतरी का प्रावधान रखा गया है। यह नीति वर्ष 2028 तक प्रभावी रहेगी। विभाग का मानना है कि इस व्यवस्था से राजस्व में स्थिर बढ़ोतरी सुनिश्चित की जा सकेगी।
IMFL के दाम बढ़े, देशी शराब यथावत
आबकारी आयुक्त अनुराधा पाल के अनुसार नई कॉस्ट कार्ड नीति के तहत विदेशी मदिरा ( IMFL) की कीमतों में संशोधन किया गया है। मैकडॉवेल्स और आईबीआरएस जैसे छोटे ब्रांड्स पर प्रति बोतल ₹10 से ₹20 तक की बढ़ोतरी की गई है। वहीं, बड़े और ओवरसीज ब्रांड्स के नए रेट तय करने की प्रक्रिया अभी जारी है। फिलहाल देशी शराब के दामों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
त्योहारों में बढ़ती है खपत
पिछले वर्ष राज्य में शराब की बिक्री में 5.25 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई थी। खासकर होली, दिवाली और वर्षांत जैसे अवसरों पर बिक्री में उल्लेखनीय उछाल देखा गया। 24 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025 के बीच ही प्रदेश में 225 करोड़ रुपये से अधिक की शराब की बिक्री दर्ज की गई, जिसमें कुल 1,53,782 कार्टन मदिरा बिकी। राजस्व बढ़ाने पर सरकार का फोकस
राज्य में आबकारी विभाग राजस्व का एक प्रमुख स्रोत है। वर्तमान में उत्तराखंड में लगभग 700 शराब की दुकानें संचालित हो रही हैं। सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए ₹5400 करोड़ का राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया है। कई जिलों में 100 प्रतिशत राजस्व सेटलमेंट हासिल किया जा चुका है, जबकि कुछ क्षेत्रों में स्थानीय विरोध के चलते संचालन प्रभावित
है।
व्यापारियों को भी मिला लाभ
नई नीति के तहत तीन वर्षों के लिए लाइसेंस जारी किए जाने से शराब कारोबारियों को भी राहत मिली है। इससे उन्हें बार-बार लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया से छुटकारा मिला है और वे अपने व्यवसाय की दीर्घकालिक योजना बेहतर तरीके से बना पा रहे।

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