July 8, 2026

दून मेडिकल कॉलेज मेस फीस घोटाले में बड़ी कार्रवाई, कथित मास्टरमाइंड लेखाकार निलंबित

Share now

चिकित्सा शिक्षा निदेशालय की जांच में वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि, उपनल कर्मी की सेवाएं समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू

देहरादून। दून मेडिकल कॉलेज (जीडीएमसी) में छात्रों की मेस फीस से जुड़े चर्चित घोटाले में करीब डेढ़ माह बाद पहली बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। चिकित्सा शिक्षा निदेशालय की जांच में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद मामले के कथित मास्टरमाइंड लेखाकार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही उपनल के माध्यम से नियुक्त उक्त लेखाकार की सेवाएं समाप्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

यह मामला 14 मई को उस समय सामने आया था, जब खुलासा हुआ कि एमबीबीएस 2022, 2023, 2024 और 2025 बैच के छात्रों से ली गई मेस फीस कॉलेज के अधिकृत खाते में जमा कराने के बजाय मेस संचालक के निजी बैंक खातों में जमा कराई जा रही थी। आरोप है कि छात्रों को कॉलेज के नाम से मिलता-जुलता क्यूआर कोड उपलब्ध कराया गया, जिसके माध्यम से राशि निजी खातों में ट्रांसफर होती रही।

जांच में यह भी सामने आया कि लेखा अनुभाग की कथित मिलीभगत से छात्रों द्वारा जमा किए गए डिमांड ड्राफ्ट बैंक से वापस निकलवाकर उन्हें निरस्त कराया गया और बाद में छात्रों को लौटा दिया गया। इससे कॉलेज की वित्तीय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए।

मामले के सामने आने के बाद दून मेडिकल कॉलेज प्रशासन और चिकित्सा शिक्षा निदेशालय ने अलग-अलग स्तर पर जांच शुरू की। जांच के दौरान लेखा अनुभाग के कर्मचारियों, हॉस्टल वार्डनों और संबंधित अधिकारियों से विस्तृत पूछताछ की गई। प्रारंभिक कार्रवाई के तहत लेखा अनुभाग के चार कर्मचारियों का तबादला किया गया था, जबकि सभी हॉस्टल वार्डनों को भी बदल दिया गया था।

अब निदेशालय की विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपी लेखाकार को निलंबित कर दिया गया है। दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने उपनल को पत्र भेजकर संबंधित लेखाकार की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का अनुरोध किया है।

सूत्रों के अनुसार जांच अभी जारी है और यदि अन्य अधिकारियों या कर्मचारियों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई को मेडिकल कॉलेज की वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।