हल्द्वानी में NEET छात्रा की संदिग्ध मौत, डायरी की पंक्ति ने बढ़ाया रहस्य
हल्द्वानी।
मध्य प्रदेश से डॉक्टर बनने का सपना लेकर हल्द्वानी पहुंची 19 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। छात्रा अपने पीजी के कमरे में फंदे पर लटकी मिली। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। कमरे से मिली डायरी में लिखी एक रहस्यमयी पंक्ति ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के मानीपुरा कोलारस निवासी अंजलि जाटव पुत्री रघुवीर जाटव ने 30 मई को हल्द्वानी के एक निजी कोचिंग संस्थान में नीट की तैयारी के लिए प्रवेश लिया था। वह मुखानी क्षेत्र में खाटू श्याम मंदिर के पास स्थित पीजी में रह रही थी। बताया गया कि वह फिलहाल डेमो क्लास ले रही थी और 29 जून से उसकी नियमित कक्षाएं शुरू होनी थीं।
मंगलवार देर रात एक युवक ने अंजलि की सहेली को फोन कर बताया कि छात्रा लगातार कॉल करने के बावजूद फोन नहीं उठा रही है। सूचना मिलने पर सहेली ने पुलिस और परिजनों को जानकारी दी। जब कमरे की जांच की गई तो दरवाजा अंदर से बंद मिला।
पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से खिड़की की जाली काटकर कमरे में प्रवेश किया गया। अंदर अंजलि दुपट्टे के सहारे फंदे पर लटकी मिली। उसे तत्काल नीचे उतारकर सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। हालांकि कमरे से बरामद एक डायरी में लिखी पंक्ति—“एक को छोड़ दिया है, दूसरे को नहीं छोड़ूंगी”—की जांच की जा रही है। पुलिस इस संदेश के संबंध में छात्रा के मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है।
एसपी सिटी मनोज कत्याल के अनुसार मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है और पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है। परिजनों के हल्द्वानी पहुंचने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के कारणों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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