भारत के प्रतिष्ठित यात्रा लेखक दंपती ह्यू गैंटज़र और कोलीन गैंटज़र को वर्ष 2025 के पद्म श्री से सम्मानित किया गया है। कोलीन गैंटज़र को यह सम्मान मरणोपरांत प्रदान किया गया है।
स्वास्थ्य संबंधी कारणों के चलते ह्यू गैंटज़र दिल्ली जाकर पुरस्कार ग्रहण नहीं कर सके। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड सरकार के सचिव श्री शैलेश बगोली विशेष रूप से मसूरी स्थित उनके आवास पहुँचे और उन्हें पद्मश्री सम्मान उनके घर पर ही भेंट किया।
1950 के दशक से यात्रा लेखन में सक्रिय इस जोड़े ने भारत की सांस्कृतिक विविधता, ऐतिहासिक स्थलों और जनजीवन को अनूठे अंदाज़ में प्रस्तुत किया। “The Gantzer’s Travelogue” कॉलम और दूरदर्शन पर प्रसारित उनके यात्रा वृत्तांतों ने देशभर के पाठकों और दर्शकों को भारत की सुंदरता और गहराई से परिचित कराया।
ह्यू की पत्रकारिता की तीक्ष्ण दृष्टि और कोलीन की कोमल अभिव्यक्ति शैली ने मिलकर भारतीय यात्रा साहित्य को एक नई ऊँचाई दी। उनके लेखन ने न सिर्फ लोगों को अपने देश की खोज में प्रेरित किया, बल्कि भारत की आत्मा को भी शब्दों में पिरोया।

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