मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में नाबार्ड के अंतर्गत ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि से पोषित योजनाओं के सम्बन्ध में उच्च अधिकार प्राप्त समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि विभागों को यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट शीघ्र उपलब्ध करायें। उन्होंने कहा कि विभाग फंड्स का आहरण करवा लें, ताकि प्रदेश को कुल फंड्स का आबंटन बढ़ाया जा सके।
मुख्य सचिव ने नाबार्ड के अधिकारियों एवं विभागों को आने वाले वर्षों में नाबार्ड का बजट 1200 करोड़ रूपए तक पहुंचाने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हम सभी को सोर्स ऑफ फंड तलाशने की आवश्यकता है। कहा कि नाबार्ड और सम्बन्धित विभाग प्रदेश में चेन लिंक फेंसिंग के लिए फंड्स की सम्भावनाएं तलाशें।
मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि अगस्त माह के अंत तक सभी विभाग अपने-अपने प्रस्ताव उपलब्ध करा दें। उन्होंने धीमे चल रहे प्रोजेक्ट्स पर विभागों को लगातार मॉनिटरिंग कर प्रोजेक्ट की गति बढ़ाए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विभिन्न प्रोजेक्ट्स के डिस्बर्समेंट और रिम्बर्समेंट शीघ्र कराए जाने की बात भी कही। उन्होंने नाबार्ड को उनके पोर्टल की खामियों को भी शीघ्र दूर किए जाने के निर्देश दिए, ताकि विभाग पोर्टल पर अपडेट कर सकें।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, सी. रविशंकर, अपर सचिव हिमांशु खुराना, मनमोहन मैनाली सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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